Jharkhand News: झारखंड में सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत राज्य सरकार 34 लाख से अधिक लोगों को प्रतिमाह 1000 रूपये पेंशन का भुगतान कर रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत अप्रैल माह से 7 जनवरी तक कुल 34,40,509 लाभुकों के खाते में 3 अरब 44 लाख 5 हजार 900 रूपये की राशि भेजी जा चुकी है.
कल्याणकारी योजनाओं की हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
बीते 8 जनवरी को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में 30 से अधिक कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई. इसमें खर्च की गई राशि नए निर्माण कार्य और लाभुकों तक पहुंची सुविधाओं की जानकारी ली गई.
पेंशन योजनाओं पर रहा खास फोकस
समीक्षा के दौरान राज्य में संचालित चार प्रमुख पेंशन योजनाओं की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया. इन योजनाओं के तहत वृद्ध विधवा और दिव्यांग लाभुकों को नियमित पेंशन दी जा रही है जिससे उन्हें दैनिक जीवन में आर्थिक सहारा मिल सके.
वृद्धों को मिल रही नियमित सहायता
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के असहाय वृद्धों को पेंशन दी जा रही है. 60 से 79 वर्ष आयु वर्ग के 8,07,704 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रूपये की सहायता मिल रही है. वहीं 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के 95,565 लाभार्थियों को भी समान राशि दी जा रही है.
विधवा और दिव्यांग पेंशन का दायरा
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की असहाय विधवाओं को पेंशन दी जा रही है. वर्तमान में 25,11,828 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है. वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के गंभीर दिव्यांग 24,412 लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है.
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी काम
वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से राज्य की 1181 महिलाओं को सहायता पहुंचाई गई है. फिलहाल राज्य में 35 वन स्टॉप सेंटर संचालित हो रहे हैं. मिशन शक्ति संबल के तहत सभी जिलों में महिलाओं के उत्पीड़न की रोकथाम और अधिकारों की रक्षा का कार्य किया जा रहा है. इसके अलावा रांची पूर्वी सिंहभूम और धनबाद में नए वन स्टॉप सेंटर भवन निर्माण की प्रक्रिया चल रही है.
बाल संरक्षण सेवाओं से हजारों को राहत
राज्य में बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विस भी सक्रिय है. इसके तहत बाल अधिकार संरक्षण आयोग राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन जिला बाल संरक्षण इकाई बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड कार्यरत हैं. इन संस्थानों के माध्यम से वर्तमान में 1891 बच्चों को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की गई है.
राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा बनती नजर आ रही हैं. पेंशन भुगतान का दायरा लगातार बढ़ना यह दिखाता है कि सरकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचने की दिशा में काम कर रही है. हालांकि इन योजनाओं की निरंतरता और पारदर्शी क्रियान्वयन ही यह तय करेगा कि लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक समय पर पहुंचता रहे.