Ranchi: रांची आरपीएफ के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हटिया रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मानवता की मिसाल पेश की है। बुधवार को हटिया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की तत्परता से एक नवजात शिशु की जान बचा ली गई, जिसे ट्रेन के शौचालय में लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था।
S4 के शौचालय में रखे डस्टबिन से रोने की हल्की आवाज आई
घटना उस समय की है जब पुरी से हटिया आने वाली तपस्विनी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 18452) प्लेटफॉर्म संख्या एक पर पहुंची। ट्रेन के आगमन के बाद आरपीएफ पोस्ट हटिया के जवान बिरसा ओरांव नियमित सुरक्षा और निगरानी जांच में लगे हुए थे। जांच के दौरान कोच संख्या S4 के शौचालय में रखे डस्टबिन से रोने की हल्की आवाज सुनाई दी, जिससे उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई।
आरपीएफ ने नवजात को अपनी निगरानी में लिया
जब डस्टबिन की जांच की गई तो सभी के होश उड़ गए। उसके अंदर एक जीवित नवजात शिशु कपड़े में लिपटा हुआ पाया गया। जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना आरपीएफ पोस्ट हटिया को दी गई। सूचना मिलते ही आरपीएफ की सब-इंस्पेक्टर साधना कुमारी एवं महिला आरक्षी रीना यादव मौके पर पहुंचीं और पूरी सावधानी के साथ नवजात को अपनी निगरानी में लिया।
डॉक्टरों ने नवजात को रिम्स, रांची रेफर किया
इसके बाद जीआरपी हटिया और चाइल्डलाइन हटिया के सहयोग से बच्चे को तुरंत डीआरएच हटिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। नवजात की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी के लिए उसे रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया है।
मासूम की जान बच सकी
आरपीएफ की इस सतर्कता और संवेदनशीलता की चारों ओर सराहना की जा रही है। समय रहते की गई कार्रवाई से एक मासूम की जान बच सकी।