Jamshedpur: टाटा स्टील में कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को कंपनी के उपाध्यक्ष राजीव मंगल की अध्यक्षता में एक अहम सुरक्षा बैठक आयोजित की गई। लगभग डेढ़ घंटे चली इस बैठक में सेफ्टी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और प्रेजेंटेशन के माध्यम से मौजूदा हालात की जानकारी दी गई।
छह कर्मचारियों की गई जान
बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अलग-अलग दुर्घटनाओं में छह कर्मचारियों की जान जा चुकी है, जिसे लेकर प्रबंधन और यूनियन दोनों ने गंभीर चिंता जताई। प्रबंधन की ओर से साफ किया गया कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मौजूदा पदाधिकारी
इस बैठक में प्रबंधन पक्ष से राजीव मंगल के साथ-साथ चीफ सेफ्टी नीरज कुमार सिन्हा मौजूद थे, जबकि टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से संजीव चौधरी, सतीश सिंह, शैलेश सिंह, आमोद दुबे, राजीव चौधरी, संजय सिंह, अजय चौधरी, श्याम बाबू समेत कई पदाधिकारी शामिल हुए।
पर्याप्त रोशनी व्यवस्था की मांग
बैठक के दौरान यूनियन ने प्लांट के कई हिस्सों को डार्क एरिया बताते हुए वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग रखी। साथ ही वेंडरों की जवाबदेही तय करने पर जोर देते हुए कहा गया कि अनुबंध के समय ही सुरक्षा से जुड़ी शर्तों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
प्रकाश व्यवस्था कम होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा
यूनियन ने यह भी कहा कि प्लांट में कई जगहों पर प्रकाश व्यवस्था बहुत खराब है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके अलावा कर्मचारियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत पर भी बल दिया गया। इस बैठक में तय हुआ कि यूनियन पदाधिकारी शॉप फ्लोर पर जाकर कर्मचारियों से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं और सुझाव जुटाकर प्रबंधन तक पहुंचाएंगे।
व्यवस्था में सुधार की मांग
ई-परमिट व्यवस्था को लेकर भी यूनियन ने सवाल उठाए। यूनियन का कहना था कि वर्तमान में एक व्यक्ति द्वारा 25 परमिट जारी किया जाना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि इतने बड़े क्षेत्र की निगरानी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इस व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।