Ranchi News : झारखंड हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरहाबादी शाखा में अदालत के आदेश की कथित अवहेलना और अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने बैंक परिसर के CCTV फुटेज को सुरक्षित कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।मामला Grune Homes Pvt. Ltd. की याचिका से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अदालत ने आदेश की प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को बैंक तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आरोप है कि बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंट ने आदेश लेने से इनकार कर दिया।
अधिवक्ता के साथ धक्का-मुक्की का आरोप
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनके सहयोगी अधिवक्ता विजय शंकर आदेश की प्रति देने बैंक शाखा पहुंचे थे। वहां उन्हें न केवल रोका गया बल्कि कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की भी की गई।
अदालत को बताया गया कि रिकवरी एजेंट गौरव कुमार ने बहस की और सुरक्षा कर्मियों ने भी हस्तक्षेप किया। घटना के समय अधिवक्ता बैंक परिसर में मौजूद थे और पूरी घटना CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी।
पुलिस को फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश
मामले को गंभीर मानते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिया कि मोरहाबादी पुलिस आउटपोस्ट को तुरंत सूचित किया जाए। अदालत ने पुलिस को बैंक पहुंचकर कोर्ट आदेश की तामील सुनिश्चित करने और CCTV फुटेज सुरक्षित कर अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
यह मामला 22 अप्रैल 2026 को जारी नीलामी बिक्री सूचना और 14 मई 2026 को प्रस्तावित नीलामी से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने नीलामी रद्द करने की मांग की है। अदालत को यह भी बताया गया कि इस विवाद से जुड़ा मामला सिविल कोर्ट सरायकेला में भी लंबित है, जहां बिक्री विलेख निरस्त करने की मांग की गई है।