Ranchi News : झारखंड में फर्जी बैंक गारंटी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए उत्पाद विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब लाइसेंसधारकों से इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी (e-Bank Guarantee) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि उत्पाद नीति 2022 के तहत कई मामलों में फर्जी बैंक गारंटी देकर काम हासिल किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद विभाग ने पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का निर्णय लिया।
अन्य विभागों में भी मिले संकेत, स्थानीय बैंक से गारंटी अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत अब दुकानों के नवीकरण समेत सभी कार्यों के लिए केवल इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी ही स्वीकार की जाएगी। इससे फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, फर्जी बैंक गारंटी के मामले अन्य विभागों में भी सामने आए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर चिंता बढ़ी है और निगरानी तेज की गई है। नई व्यवस्था में यह भी प्रावधान किया गया है कि संबंधित जिले के बैंक से ही ई-बैंक गारंटी जमा करनी होगी। इससे गारंटी की सत्यता की जांच आसान होगी और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी तेज हो सकेगी।
पारदर्शिता और राजस्व सुरक्षा पर जोर
पहले व्यापारी दूसरे राज्यों के बैंकों की गारंटी जमा करते थे, जिन्हें सत्यापित करने और जरूरत पड़ने पर जब्त करने में काफी परेशानी होती थी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है, ताकि भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।