Ranchi News : कथित धोखाधड़ी के मामले में प्रेमसंस मोटर के डायरेक्टर पुनीत पोद्दार समेत चार आरोपियों को फिलहाल अग्रिम जमानत पर कोई राहत नहीं मिली है। चुटिया थाना में दर्ज मामले में अपर न्यायायुक्त की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका पर आंशिक सुनवाई हुई। इस दौरान अनुसंधानकर्ता ने अदालत में केस डायरी प्रस्तुत की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रेमसंस मोटर से बिल से जुड़े डिक्लेरेशन की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। फिलहाल अदालत ने आरोपियों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक या पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस मामले में प्रेमसंस मोटर के डायरेक्टर पुनीत पोद्दार, अवध पोद्दार, नेक्सा शोरूम के सेल्स मैनेजर शैलेश कुमार और जनरल मैनेजर लिंगराज पट्टाजोशी आरोपी हैं।
ग्राहकों से अधिक राशि वसूली का आरोप
चुटिया थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शिकायतकर्ता विवेक आर्या ने आरोप लगाया है कि कंपनी प्रत्येक कार पर ग्राहकों से करीब 1.20 लाख रुपये अतिरिक्त वसूलती है। शिकायत में दावा किया गया है कि इसी तरीके से कंपनी सालाना लगभग 3,600 करोड़ रुपये की कथित ठगी कर रही है।
एफआईआर के मुताबिक, विवेक आर्या अपने भाई दयानंद कुमार के नाम पर नेक्सा शोरूम में कार बुक कराने गए थे। आरोप है कि कंपनी ने उन पर अपने माध्यम से ही बीमा कराने का दबाव बनाया। बाद में पुरानी कार की एक्सचेंज वैल्यू को लेकर विवाद हुआ और उनकी अनुमति के बिना नई कार का रजिस्ट्रेशन करा दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि डिलीवरी के समय अतिरिक्त राशि लेने के बावजूद उन्हें पूरा बिल नहीं दिया गया और बाद में ईमेल के जरिए बुकिंग रद्द करने की सूचना भेज दी गई। लेन-देन का हिसाब देखने पर करीब 1.20 लाख रुपये अतिरिक्त वसूले जाने का दावा करते हुए उन्होंने कंपनी पर बड़े स्तर पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।