Ranchi News : चतरा के टंडवा स्थित मगध और आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में रांची की NIA की विशेष अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने ट्रायल का सामना कर रहे 14 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अब दोषियों की सजा के बिंदु पर 18 अगस्त को सुनवाई होगी।
कोर्ट ने आम्रपाली परियोजना में CCL के GM अजीत कुमार ठाकुर को मामले से रिहा कर दिया है। वहीं, एक अन्य आरोपी का मामला अलग से चल रहा है। इस केस में कुल 16 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे।
लेवी वसूली और उग्रवादी संगठन को आर्थिक मदद का मामला
यह मामला लेवी वसूली, आपराधिक साजिश और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन को आर्थिक मदद पहुंचाने से जुड़ा है। टंडवा थाना में दर्ज मामले को NIA ने 13 फरवरी 2018 को अपने हाथ में लिया था। जांच के बाद NIA ने 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जांच में CCL, पुलिस, उग्रवादियों और शांति समिति के बीच कथित समन्वय के जरिए टेरर फंडिंग किए जाने की बात सामने आई थी।
TPC को फंड देने की हुई पुष्टि
NIA की जांच में तृतीय प्रस्तुति कमेटी यानी TPC को फंड दिए जाने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, TPC को लेवी देने के लिए मगध और आम्रपाली परियोजना से ऊंची दर पर कोयला ढुलाई का ठेका लिया गया था। अब 18 अगस्त को अदालत दोषी ठहराए गए 14 आरोपियों की सजा के मुद्दे पर सुनवाई करेगी। इसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि दोषियों को किस तरह की और कितनी सजा दी जाएगी।