Ranchi: 24 मई 2026 को आयोजित होने वाले जनजातीय समारोह को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने RSS से जुड़े संगठनों पर आदिवासी पहचान और अस्मिता को कमजोर करने का आरोप लगाया। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत, सांसद कालीचरण मुंडा, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, विधायक रामेश्वर उरांव, विधायक डी. एन. चंपिया और पूर्व मंत्री गीता श्री उरांव मौजूद रहे।
RSS से जुड़े संगठनों पर कांग्रेस का निशाना
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन जनजाति सुरक्षा मंच और वनवासी कल्याण मंच आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से अपनी पहचान, संस्कृति और सरना धर्म कोड की मांग को लेकर संघर्ष करता रहा है, लेकिन इन मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
“विशेष सांस्कृतिक ढांचे में ढालने की कोशिश”
लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि 24 मई को आयोजित कार्यक्रम के जरिए आदिवासी पहचान और अस्मिता को एक विशेष सांस्कृतिक ढांचे में ढालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनजातीय सम्मान के नाम पर आदिवासी समाज की मूल पहचान और विरासत को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति, भाषा, परंपरा और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए पार्टी हमेशा आवाज उठाती रहेगी।