Palamu: पलामू जिले में पुलिस ने एक ऐसी सफलता हासिल की है, जिसने एक परिवार को लगभग दस साल बाद फिर से मुस्कुराने का मौका दिया। रोजगार की तलाश में घर से निकला एक युवक आखिरकार अपने घर लौट आया है।
जानकारी के अनुसार, पलामू के छत्तरपुर थाना क्षेत्र के काला पहाड़ गांव निवासी मंगल परहिया ने 18 दिसंबर 2025 को पुलिस में आवेदन देकर बताया कि उनका बेटा मंदीस परहिया करीब एक दशक पहले काम की तलाश में घर से निकला था। इसके बाद परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो सका। वर्षों तक तलाश और इंतजार के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार ने पुलिस की मदद ली।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, छत्तरपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम में थाना प्रभारी, अनुसंधानकर्ता और सशस्त्र बल के जवानों को शामिल किया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना तंत्र का सहारा लिया। लगातार प्रयासों के बाद एक अहम सुराग हाथ लगा, जिससे पता चला कि युवक कोलकाता के साउथ 24 परगना इलाके में, बांग्लादेश सीमा के आसपास मौजूद है।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से मिली सफलता
पुख्ता जानकारी मिलते ही पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना हो गई। वहां की स्थानीय पुलिस के सहयोग से क्षेत्र में खोजबीन की गई। लगातार प्रयासों के बाद मंदीस परहिया को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसे सकुशल पलामू लाया गया।
भावुक कर देने वाला मिलन
करीब दस साल बाद जब मंदीस अपने घर पहुंचा, तो पिता मंगल परहिया और परिवार के अन्य सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू थे। लंबे इंतजार के बाद बेटे को सुरक्षित देखकर पूरा परिवार भावुक हो उठा।
परिजनों ने इस मानवीय पहल और सक्रिय कार्रवाई के लिए पलामू पुलिस का आभार जताया।
विशेष जांच टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अवध कुमार यादव, थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद, अनुसंधानकर्ता धर्मवीर कुमार यादव और छत्तरपुर थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।