National Politics: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. उन्होंने दावा किया है कि मौजूदा सरकार का नियंत्रण तंत्र कमजोर पड़ रहा है और उनका अनुमान है कि अगले एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे.
कांग्रेस के आदिवासी प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार के भीतर से ही "संस्थागत विद्रोह" शुरू हो गया है. उन्होंने दावा किया कि देश में हालात तेजी से बदल रहे हैं और आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है.
आर्थिक स्थिति को लेकर जताई चिंता
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और आने वाली स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है.
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने वाले तंत्र को कमजोर कर दिया है. राहुल गांधी के मुताबिक आने वाला आर्थिक संकट ऐसा हो सकता है, जिसका असर लोगों ने पहले कभी नहीं देखा होगा.
सिस्टम के भीतर से मिल रहे संकेतों का किया दावा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि कई संस्थाएं पूरी तरह नियंत्रण में हैं, लेकिन अब स्थिति बदल रही है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग, खुफिया तंत्र और उच्च न्यायपालिका से जुड़े लोगों की ओर से भी अलग-अलग संदेश मिल रहे हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि "सिस्टम" को नियंत्रित करने की व्यवस्था अब टूट रही है और सरकार के अंदर भी असंतोष बढ़ रहा है.
इमरजेंसी जैसे कदम की जताई संभावना
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर सरकार पर जनता का दबाव बढ़ता है तो वह स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आपातकाल जैसे कदम उठा सकती है.
उन्होंने दावा किया कि उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सरकार के अन्य मंत्रियों से जुड़ी जानकारियां आ रही हैं. राहुल गांधी ने कहा कि अब हालात सरकार के नियंत्रण से बाहर जाते दिख रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि जब वह प्रधानमंत्री से मिलते हैं तो उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री उनसे सीधे तौर पर आंख से आंख मिलाकर बात नहीं कर पाते.