Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-26

National News: कर्तव्य पथ पर सिनेमा की दस्तक, संजय लीला भंसाली की भारत गाथा बनी परेड का आकर्षण

National News: गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में इस बार देश की सांस्कृतिक यात्रा को एक अलग ही रूप में पेश किया गया. दिल्ली के कर्तव्य पथ पर जब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का टैब्लो आगे बढ़ा, तो लोगों की नजरें उसी पर टिक गईं. इस झांकी की परिकल्पना मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली ने भारत गाथा थीम पर की थी, जिसने परेड को एक नई पहचान दी.

पहली बार सिनेमा को मिला राष्ट्रीय मंच
यह मौका कई मायनों में ऐतिहासिक रहा. पहली बार भारतीय सिनेमा को गणतंत्र दिवस परेड जैसे राष्ट्रीय आयोजन में इतनी प्रभावशाली जगह मिली. टैब्लो के जरिए यह दिखाया गया कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का मजबूत माध्यम भी है.

लोककथाओं से सिनेमा तक की यात्रा
भारत गाथा टैब्लो में भारतीय कहानी कहने की परंपरा को विस्तार से दर्शाया गया. इसमें लोककथाओं, पौराणिक कथाओं और महाकाव्यों से लेकर रंगमंच, संगीत और सिनेमा तक के सफर को रेखांकित किया गया. इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारतीय सिनेमा सदियों पुरानी कथाओं का आधुनिक स्वरूप है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी देश की सोच और मूल्यों को आगे बढ़ाता आया है.

भंसाली ने जताया गर्व
इस मौके पर संजय लीला भंसाली ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा और क्रिएटर समुदाय का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ इस टैब्लो पर काम करने को भारत की कहानी कहने की परंपरा और सिनेमा की ताकत को सलाम बताया. उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल भारतीय कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की सोच को दर्शाती है.

इंडस्ट्री और दर्शकों से मिली सराहना
कर्तव्य पथ पर भंसाली की भारत गाथा को लेकर दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली. संजय लीला भंसाली को उन चुनिंदा फिल्ममेकर्स में गिना जाता है, जो राज कपूर, वी. शांताराम और महबूब खान जैसे दिग्गजों की सिनेमाई परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. उनकी फिल्मों की भव्यता और सांस्कृतिक जड़ें इस टैब्लो में भी साफ झलकती नजर आईं.

सिनेमा की ताकत का संदेश
भारत गाथा टैब्लो ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय सिनेमा सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं है. यह देश की आत्मा, उसकी परंपराओं और कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है. कर्तव्य पथ पर इसकी मौजूदगी ने सिनेमा की इसी भूमिका को रेखांकित किया.

गणतंत्र दिवस परेड में भारत गाथा की प्रस्तुति यह दिखाती है कि राष्ट्रीय आयोजनों में अब कला और सृजनात्मकता को भी बराबर की जगह मिल रही है. सिनेमा के जरिए भारत की सांस्कृतिक यात्रा को सामने लाना एक संकेत है कि देश अपनी कहानी खुद कहने के लिए नए माध्यमों को अपनाने के लिए तैयार है. यह पहल भविष्य में कला और संस्कृति को और व्यापक मंच देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा सकती है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !