Manipur Violence: मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में शुक्रवार को हिंसा की बड़ी घटना सामने आई। हथियारबंद हमलावरों ने आदिवासी बहुल गांव पर हमला कर दिया, जिसके बाद दो सशस्त्र समूहों के बीच करीब आधे घंटे तक भीषण गोलीबारी हुई। इस हिंसा की चपेट में आने से एक महिला समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई।
गोलीबारी में दंपती समेत तीन की जान गई
पुलिस के मुताबिक, अज्ञात सशस्त्र समूह के कैडरों ने गांव को निशाना बनाया, जिसके जवाब में दूसरे समूह ने भी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में लेतखोंगाम हाओकिप, उनकी पत्नी टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
सात घर जलाए, गांव में मचा हड़कंप
हमले के दौरान हमलावरों ने गांव में आगजनी भी की। पुलिस के अनुसार कम से कम सात घरों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे वे पूरी तरह नष्ट हो गए। कई परिवार जान बचाने के लिए अपने घर छोड़कर जंगलों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।
सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन, इलाके में बढ़ाई गई निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।
कुकी संगठन ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
कुकी समुदाय की प्रमुख संस्था कुकी इनपी मणिपुर ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। संस्था के सचिव जंगहाओलन हाओकिप ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या और घरों को जलाना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। संगठन ने केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से प्रभावित गांवों की सुरक्षा बढ़ाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।