Latehar: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने लातेहार जिले के गारू अंचल में पदस्थापित अंचल अमीन मुनिदेव सिंह को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई, जिससे स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
शिकायत से शुरू हुई जांच की प्रक्रिया
मिली जानकारी के अनुसार, गारू प्रखंड निवासी विशाल कुमार ने अपनी जमीन से जुड़े कागजात को ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और दस्तावेजों को सिस्टम में अपलोड कराने के नाम पर संबंधित अंचल अमीन ने उनसे 7 हजार रुपये की मांग की।
लगातार हो रही पैसों की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इस मामले की सूचना एसीबी पलामू के पुलिस अधीक्षक को दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी टीम ने प्रारंभिक सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर अधिकारियों ने ट्रैप बिछाने की रणनीति तैयार की।
रिश्वत लेते ही रंगे हाथ पकड़ा गया
योजना के तहत शिकायतकर्ता को निर्धारित राशि के साथ आरोपी कर्मचारी के पास भेजा गया। जैसे ही अंचल अमीन मुनिदेव सिंह ने 7 हजार रुपये रिश्वत के रूप में स्वीकार किए, पहले से तैनात एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद आरोपी को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए पलामू ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
ऑनलाइन जमीन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल
राज्य सरकार द्वारा भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद निचले स्तर पर रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आना चिंता का विषय है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर डिजिटल व्यवस्था के बावजूद आम लोगों को सरकारी दफ्तरों में क्यों परेशान होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की जाए तो ऐसे मामले आम नागरिकों का भरोसा कमजोर कर सकते हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी अवैध धन की मांग करता है तो तुरंत इसकी शिकायत संबंधित विभाग या एसीबी से करें।
हाल के दिनों में एसीबी की ओर से अलग-अलग जिलों में कई छापेमारी और गिरफ्तारियां की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।