Jharkhand News : झारखंड में मंगलवार से मतदाता सत्यापन अभियान (Special Intensive Revision) की शुरुआत हो गई। इस अभियान के तहत राज्य के 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए हैं। अब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का विवरण जुटाएंगे और मतदाता सूची को अपडेट करेंगे।
अभियान के लिए पूरे राज्य में 31,892 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात किए गए हैं। वहीं राजनीतिक दलों की ओर से करीब 74,500 बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
जन्मतिथि के आधार पर मांगी जाएगी जानकारी, पांच श्रेणियों की बनेगी रिपोर्ट
सत्यापन के दौरान 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं से केवल उनका विवरण लिया जाएगा। 1 जुलाई 1987 से वर्ष 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं से पिता की जानकारी मांगी जाएगी, जबकि वर्ष 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को माता और पिता दोनों का विवरण देना होगा।
राज्य से बाहर रहने वाले मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे मामलों में माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी या भाई-बहन रिश्ते का उल्लेख करते हुए फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकेंगे।
BLO पांच श्रेणियों में अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करेंगे। इनमें डुप्लीकेट मतदाता, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाता, लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता और हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले मतदाता शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति ने दूसरे देश की नागरिकता ले ली है तो उसका फॉर्म बिना हस्ताक्षर के वापस किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में अब तक 82.10 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 47 लाख मतदाता अभी अनमैप्ड हैं। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हो सकते हैं। पूरी प्रक्रिया के बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकता के सहायक दस्तावेज के रूप में पासपोर्ट भी मान्य होगा। साथ ही 1 अक्टूबर 2024 के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता भी आवेदन कर सकेंगे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।