Jharkhand News: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की साल 2016 की संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक (TGT) नियुक्ति प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए झारखंड हाई कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने लंबित नियुक्तियों और अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की वैधता की गहराई से जांच के लिए “वन मैन कमीशन” का गठन किया है. इस विशेष जांच आयोग की कमान हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को सौंपी गई है. यह कमीशन मुख्य रूप से उन आवेदनों और आपत्तियों की जांच करेगा, जिनके कारण पूरी बहाली प्रक्रिया विवादों में घिरी हुई है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिर उपजा विवाद
बता दें कि यह बहुचर्चित मामला हाई कोर्ट से होते हुए देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) तक पहुंच चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में राज्यवार रिजल्ट प्रकाशित करने का स्पष्ट निर्देश दिया था. हालांकि, जब जेएसएससी ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई, तो कई अभ्यर्थियों ने आयोग पर निर्देशों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए दोबारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरत रहा है, जिसके बाद हाई कोर्ट ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग गठित करने की आवश्यकता महसूस की.
रिटायर्ड जस्टिस चौधरी संभालेंगे कमान, जेएसएससी ने रखा अपना पक्ष
शुरुआत में इस जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस एस.एन. पाठक के नाम का प्रस्ताव था, लेकिन उनके इनकार के बाद अब रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी इस जिम्मेदारी को संभालेंगे. हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवार और प्रिंस कुमार ने पक्ष रखा. अब यह कमीशन अभ्यर्थियों के आवेदनों की पात्रता और उनकी कानूनी वैधता तय करेगा, जिससे योग्य उम्मीदवारों को जल्द नियुक्ति मिलने का रास्ता साफ हो सके.