Jharkhand News: गुमला जिले में वेतन, मानदेय और अन्य भुगतान में संभावित गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्त कर्मियों के भुगतान की गहन जांच शुरू कर दी गई है. इस कार्रवाई से संबंधित विभागों और एजेंसियों में हलचल बढ़ गई है.
जानकारी के अनुसार जिले के अलग-अलग कार्यालयों में तैनात 66 गृह रक्षक, आउटसोर्सिंग एजेंसी प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के 30 कर्मी और मेसर्स एवरग्रीन सर्विस लिमिटेड के 44 कर्मियों के खातों और भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी. कुल 140 कर्मियों के वेतन और मानदेय से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे.
प्रशासन का मानना है कि समय रहते जांच पूरी कर ली जाए तो किसी भी प्रकार के फर्जी भुगतान या वित्तीय गड़बड़ी को रोका जा सकता है. हाल ही में हजारीबाग और बोकारो जिलों में कोषागार से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आने के बाद राज्य स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई है.
इसी के तहत गुमला प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है, ताकि जिले में किसी भी संभावित अनियमितता को पहले ही रोका जा सके. अधिकारियों का कहना है कि सभी अभिलेखों की बारीकी से जांच कर पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी.
जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. इसमें भूमि सुधार उप समाहर्ता राजीव कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां को शामिल किया गया है.
टीम को निर्देश दिया गया है कि सभी भुगतान संबंधी दस्तावेजों की गहराई से जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपी जाए. प्रशासन के इस फैसले के बाद कई कार्यालयों में पुराने रिकॉर्ड दोबारा जांचे जा रहे हैं और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों को व्यवस्थित किया जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा सामने आने पर संबंधित कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.