Jharkhand News: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में आरोपी गौरव कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली है. रांची के अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है.
अर्धनिर्मित भवन में रखे गए थे अभ्यर्थी
पुलिस जांच के अनुसार, तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में परीक्षा अभ्यर्थियों को ठहराया गया था. यह भवन गौरव कुमार का बताया गया है. आरोप है कि इसी स्थान पर अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उनके संभावित उत्तरों की तैयारी कराई जा रही थी.
11 अप्रैल की रात हुई थी छापेमारी
मामला 11 अप्रैल की रात सामने आया था. पुलिस को सूचना मिली थी कि रड़गांव के एक निर्माणाधीन भवन में कई अभ्यर्थियों को एकत्र किया गया है. सूचना के बाद विशेष छापेमारी दल ने वहां पहुंचकर कार्रवाई की. पुलिस टीम को देखकर कई लोग भागने लगे, लेकिन मौके से 166 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया था.
पांच कथित सरगना भी पकड़े गए थे
जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़े प्रश्न और उत्तर याद कराए जा रहे थे. इस मामले में अंतरराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह से जुड़े पांच कथित मुख्य आरोपियों अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया था.
तमाड़ थाना में दर्ज है केस
पूरे मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 दर्ज कर जांच की जा रही है. भवन मालिक गौरव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी.