Jharkhand Big News: झारखंड पात्रता परीक्षा (JET 2026) के दौरान बोकारो के सेक्टर-9 स्थित सरदार पटेल पब्लिक स्कूल केंद्र पर रविवार को भारी अव्यवस्था दिखी. निर्धारित समय पर प्रश्न पत्र नहीं पहुंचने और बायोमेट्रिक हाजिरी न होने के कारण 729 परीक्षार्थी बिना परीक्षा दिए बाहर निकाल दिए गए. देवघर और दुमका जैसे दूर-दराज के जिलों से आए अभ्यर्थियों ने इस कुप्रबंधन के खिलाफ केंद्र के बाहर जमकर हंगामा किया, जिसके बाद उपायुक्त को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा.
JPSC की कार्रवाई: शिक्षा और उड़िया विषय की परीक्षा रद्द
बोकारो और रांची के केंद्रों से मिली शिकायतों के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने बोकारो के सरदार पटेल स्कूल में आयोजित शिक्षा विषय और रांची के शहीद चौक स्थित स्कूल में आयोजित उड़िया विषय की परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है. आयोग के अनुसार, प्रश्न पत्रों की कमी और उनके स्पष्ट न होने के कारण यह निर्णय लिया गया है. इन दोनों विषयों के लिए परीक्षा की नई तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी.
वितरण में बड़ी चूक: संस्कृत के बदले मिला मानवशास्त्र का पेपर
परीक्षा के दौरान एक और बड़ी लापरवाही सरस्वती शिशु विद्या मंदिर केंद्र पर सामने आई. यहां संस्कृत विषय के पैकेट में मानवशास्त्र के प्रश्न पत्र पाए गए, जिसका पता तब चला जब अभ्यर्थी उत्तर लिखने बैठे. इस गड़बड़ी के कारण परीक्षा करीब 20 मिनट तक बाधित रही. हालांकि, बाद में सही प्रश्न पत्र उपलब्ध कराकर परीक्षा पूरी कराई गई, लेकिन इस घटना ने आयोग की वितरण प्रणाली और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
व्यवस्था की विफलता और जवाबदेही
राज्य स्तरीय परीक्षा में इस तरह की अराजकता प्रशासनिक तंत्र की बड़ी विफलता है. 51 केंद्रों पर 22,000 से अधिक अभ्यर्थियों की भविष्य की तैयारी पर इस तरह की लापरवाही भारी पड़ती है. केवल परीक्षा रद्द करना समस्या का हल नहीं है; प्रश्न पत्रों के वितरण और प्रबंधन में हुई इस बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. ऐसी घटनाएं न केवल परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करती हैं, बल्कि मेहनती छात्रों के मनोबल को भी तोड़ती हैं.