Jamtara: जामताड़ा जिले के मेंझिया पंचायत अंतर्गत बिरगांव में बन रहे वीरबिंदिया पुल पर कार्य के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य के समय संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए। घायल मजदूर की पहचान मोहम्मद तारिकूल के रूप में हुई है, जिनका इलाज जामताड़ा स्थित पारस अस्पताल में चल रहा है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे से घबराकर कई मजदूर काम छोड़कर घर लौट गए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और सहकर्मियों के अनुसार, निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। मजदूरों का कहना है कि ऊंचाई पर काम के दौरान हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट जैसी जरूरी सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई थी। साथ काम कर रहे एक युवक ने आरोप लगाया कि बिना सुरक्षा किट के ही काम कराया जा रहा था, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हालांकि, इस संबंध में निर्माण एजेंसी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कटिहार निवासी है घायल मजदूर
बताया जा रहा है कि घायल मजदूर बिहार के कटिहार जिले का रहने वाला है और यहां काम करने आया था। घटना के बाद परिजनों को सूचना दे दी गई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि पैर में गंभीर चोट आई है।
पुल परियोजना का महत्व
वीरबिंदिया पुल का शिलान्यास वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने किया था। लगभग 263 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।
बिरगांव क्षेत्र में पहले हुए नाव हादसे में 14 लोगों की जान जाने के बाद इस पुल की मांग तेज हो गई थी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुल बनने से आवागमन सुगम होगा और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
पहले भी उठ चुकी हैं शिकायतें
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पहले भी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें की गई थीं। ताजा हादसे के बाद एक बार फिर निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।