Jamshedpur: जमशेदपुरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक साकची से एग्रिको तक नया फ्लाईओवर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह कदम शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विधानसभा में उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने बताया कि जैसे ही टाटा स्टील लिमिटेड से एनओसी प्राप्त होगी, परियोजना की आगे की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि साकची शहर का मुख्य व्यावसायिक केंद्र है। यहां बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों के साथ-साथ भारी वाहनों का भी आवागमन होता है, जिससे आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। फ्लाईओवर बनने से यातायात सुचारु होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
मोहरदा जलापूर्ति योजना को तकनीकी स्वीकृति
जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र के लिए एक और बड़ी सौगात मिली है। मोहरदा जलापूर्ति योजना के फेज-3 के तहत जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) की क्षमता बढ़ाने के लिए 50 एमएलडी क्षमता वाले नए इंटेकवेल के निर्माण को झारखंड सरकार ने तकनीकी स्वीकृति दे दी है।
करीब 67.36 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस योजना के लिए राशि जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विधायक पूर्णिमा साहू ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान उनके सवाल पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने आश्वासन दिया है कि काम जल्द शुरू कराया जाएगा।
इस परियोजना से शहर की बड़ी आबादी को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पीपीपी मोड में होगा कार्य, जुस्को की अहम भागीदारी
मोहरदा जलापूर्ति योजना का पुनर्जीविकरण, मरम्मत, संचालन और रखरखाव पीपीपी मोड में किया जा रहा है। इसमें 60 प्रतिशत खर्च की जिम्मेदारी टाटा स्टील UISL (पूर्व में जुस्को लिमिटेड) द्वारा उठाई जा रही है, जबकि शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
शहर को मिली दोहरी सौगात
एक ओर जहां साकची-एग्रिको फ्लाईओवर से ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर मोहरदा जलापूर्ति योजना से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ होगी। इन दोनों परियोजनाओं की स्वीकृति को जमशेदपुर के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।