Jamshedpur: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार गुरुवार को जिले के सभी प्रखंडों और नगर निकायों में नोडल पदाधिकारियों द्वारा व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान सरकारी योजनाओं की प्रगति और आम नागरिकों को मिल रही सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया।
आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पीडीएस दुकानों की जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंचायतों और शहरी क्षेत्रों का दौरा कर आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्रज्ञा केंद्र, जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानें, मनरेगा कार्यस्थल और पंचायत भवनों का जायजा लिया। विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और खाद्यान्न वितरण से जुड़ी सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता की जांच की गई।
विभिन्न अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस अभियान के तहत अलग-अलग पदाधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई। सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी अनिल टूटी ने जमशेदपुर प्रखंड के दलदली पंचायत, मो. मोजाहिद अंसारी ने पटमदा के ओड़िया, निदेशक एनईपी ने गुड़ाबांदा, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी ने धालभूमगढ़, कार्यपालक दंडाधिकारी सुदीप्त राज ने मुसाबनी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने डुमरिया, चंद्रजीत सिंह ने बोड़ाम, अनुमंडल पदाधिकारी ने चाकुलिया, भूमि सुधार उप समाहर्ता ने बहरागोड़ा व पोटका, बीडीओ ने घाटशिला तथा अन्य अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण किया।
समस्याओं की पहचान और त्वरित समाधान पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि इस निरीक्षण का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति देखना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना भी है।
नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषणयुक्त आहार मिले, स्कूलों में नियमित पढ़ाई हो, स्वास्थ्य केंद्रों में दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हों, तथा राशन दुकानों से सही समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न वितरण हो।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर तत्काल कार्रवाई करें और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। प्रशासन का मानना है कि लगातार निगरानी से न केवल व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि आम जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।