सिटी एसपी कुमार शुभाशीष ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में गुप्तचर तंत्र को और अधिक सक्रिय करना होगा। अवैध हथियार कारोबार की निगरानी के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम भी बनाई गई है, जो लगातार अपराधियों और अवैध हथियार नेटवर्क पर नजर रख रही है।
हथियार सप्लायरों की तलाश में जुटी पुलिस
जब्त किए गए हथियारों के बाद पुलिस अब उनके सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। कई गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में बताया है कि वे हथियार कहां से लाए थे। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने में लगी है।
गैंग और उनके गुर्गों पर कड़ी निगरानी
पुलिस शहर में सक्रिय विभिन्न आपराधिक गिरोहों और उनके गुर्गों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। जेल से रिहा होने वाले दागी अपराधियों को भी थानों में हाजिर होने का निर्देश दिया जा रहा है, ताकि उनकी गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके। हालिया कार्रवाई में 29 अपराधियों पर CCA, 21 पर तड़ीपार, और 16 पर थाना हाजिर की कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ी
अवैध हथियारों से जुड़े वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों पर भी पुलिस सख्त है। साइबर सेल की टीम ऐसे सभी अकाउंट्स की जांच कर रही है। जिन लोगों ने हथियारों के साथ वीडियो या फोटो पोस्ट किए हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है।
जमशेदपुर पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध हथियारों के बिजनेस और अपराधियों पर काउंटर-एक्शन लगातार जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य इन नेटवर्क्स को पूरी तरह समाप्त कर शहर में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना है।