Gold Repatriation: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक अहम रणनीतिक फैसले के तहत विदेश में रखा अपना करीब 104 टन सोना वापस भारत मंगा लिया है। मार्च 2026 तक यह पूरा सोना देश की तिजोरियों में सुरक्षित पहुंच चुका है। हालांकि, यह बदलाव सिर्फ भंडारण की जगह का है, जिससे आम लोगों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
कुल गोल्ड रिजर्व लगभग स्थिर, सिर्फ बदली लोकेशन
RBI के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में 880.18 मीट्रिक टन रहा कुल स्वर्ण भंडार मार्च 2026 तक मामूली बढ़कर 880.52 मीट्रिक टन हो गया। असली बदलाव सोने की मात्रा में नहीं बल्कि उसके स्थान में हुआ है। देश के भीतर रखे गए सोने का हिस्सा बढ़ा है, जबकि कुछ सोना अब भी विदेशी संस्थानों में सुरक्षित रखा गया है।
विदेश में सोना रखने की भी मजबूत रणनीति
RBI अपना सारा सोना भारत में नहीं रखता। मार्च 2026 तक करीब 197.67 मीट्रिक टन सोना Bank of England और Bank for International Settlements (BIS) जैसी संस्थाओं में रखा गया है। ऐसा करने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लिक्विडिटी बनी रहती है और जरूरत पड़ने पर तेजी से विदेशी मुद्रा जुटाना आसान होता है।
क्या सस्ता होगा सोना?
इस पूरे कदम का सोने की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सोने के दाम वैश्विक बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और मांग-आपूर्ति जैसे कारकों पर निर्भर करते हैं। RBI ने न तो नया सोना खरीदा है और न बेचा, इसलिए सराफा बाजार में कीमतें जस की तस रहेंगी।