Current News : पश्चिम बंगाल पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कोलकाता पुलिस ने मोस्ट वांटेड माओवादी महिला नेता श्रद्धा बिस्वास उर्फ बेला को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही हैं।
कई वर्षों से थी फरार, झारखंड से जुड़ा लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस सूत्रों के अनुसार श्रद्धा बिस्वास लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचती आ रही थी। वह झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम इलाकों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है।
उसके खिलाफ झारखंड में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें नक्सली गतिविधियों, संगठनात्मक मदद और हिंसक घटनाओं में संलिप्तता के आरोप शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रद्धा बिस्वास वर्ष 2006 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थी। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह केवल एक सहयोगी नहीं बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी।
वह झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने, नए सदस्यों की भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़े मामलों में शामिल बताई जा रही है।
15 लाख का इनाम घोषित था, लंबे समय से थी तलाश
सूत्रों के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी के लिए पहले से 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह लगातार ठिकाने बदलकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रही थी।
कोलकाता पुलिस को हाल ही में खुफिया जानकारी मिली, जिसके आधार पर विशेष अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया गया।
कोलकाता में दबोचा गया, पूछताछ जारी, सुरक्षा एजेंसियों को बड़े खुलासों की उम्मीद
पुलिस ने उसे कोलकाता के एक इलाके से गिरफ्तार किया है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के कई महत्वपूर्ण राज सामने आ सकते हैं।
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों, फंडिंग नेटवर्क और हाल के वर्षों की गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सली नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।