Chaibasa: जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत करिका गांव से लापता हुए तीन नाबालिग बच्चों को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल बरामद कर लिया। डायल 100 पर सूचना मिलने के महज ढाई घंटे के भीतर ही पुलिस टीम ने बच्चों को सुरक्षित खोज निकाला। घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है, जबकि परिजनों ने गुरुवार को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जंगली इलाके में रुके थे बच्चे
जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे बुधवार की शाम करिका चौक की ओर बाजार घूमने के लिए निकले थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। बताया जा रहा है कि शाम ढलने के बाद बच्चे हिरणी फॉल के आसपास रुक गए थे।
गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने उन्हें देखा और पूछताछ की। इसी बीच मामले की सूचना बंदगांव थाना तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए खोजबीन शुरू की।
एसपी के निर्देश पर चला सर्च ऑपरेशन
जंगलों में बने नेटवर्क से मिली अहम जानकारी
मामले की जानकारी मिलते ही चाईबासा के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जंगली इलाकों में बने स्थानीय नेटवर्क और गुप्तचरों की मदद से बच्चों के बारे में अहम सुराग मिले।
इसके बाद पुलिस टीम ने अभियान चलाकर तीनों नाबालिगों को सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अभियान में शामिल रहे पुलिसकर्मी
थाना प्रभारी समेत पूरी टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस अभियान में बंदगांव थाना प्रभारी मनीष, एएसआई धीरेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य पुलिस बल सक्रिय रूप से शामिल रहे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
लापता बच्चों की पहचान
सनिका मुंडू (14 वर्ष), पिता – उरलू मुंडू
मंगरा मुंडू (10 वर्ष)
साऊ मुंडू (12 वर्ष), पिता – बुधु मुंडू
परिजनों के अनुसार, तीनों बच्चे करिका गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और आपस में अच्छे मित्र हैं।
पूरी रात तलाश में जुटे रहे परिजन
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बढ़ी थी चिंता
बच्चों के देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन और ग्रामीण पूरी रात आसपास के इलाकों में खोजबीन करते रहे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह घटना बेहद चिंता का विषय बन गई थी।
जब काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला, तो गुरुवार को बंदगांव थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में बच्चों को खोज निकाला, जिससे परिवारों ने राहत की सांस ली।
राहत और खुशी का माहौल
बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया है। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से बड़ी अनहोनी को टाला जा सकता है।