CJP Protest : संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दायर अर्जेंट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की उस मांग को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें मुख्य न्यायाधीश से घटना के वीडियो देखकर स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया गया था।
कोर्ट के पास वीडियो देखने का समय नहीं
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के कई वीडियो उपलब्ध हैं और अदालत को उनका अवलोकन कर मामले में स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। उन्होंने वकील को सलाह देते हुए कहा कि न तो अदालत का समय बर्बाद करें और न ही अपना समय।
पुलिस कार्रवाई को लेकर उठाए गए सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया था कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज व वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई या स्वत: संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को तत्काल किसी प्रकार की न्यायिक राहत नहीं मिल सकी।