नाता तोड़ने का ऐलान
हाल ही में रोहिणी आचार्य ने राजद से जुड़े कुछ करीबी लोगों पर दुर्व्यवहार और अपमान के गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर और पार्टी के कई लोग सब कुछ देखते रहे, लेकिन किसी ने भी तेजस्वी यादव के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। इससे आहत होकर रोहिणी आचार्य ने पार्टी और परिवार दोनों से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया।
खुलकर मोर्चा संभाल लिया
इस पारिवारिक घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में तूफान खड़ा कर दिया है। एक ओर जहां उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस पूरे मामले पर मीडिया से दूरी बनाए हुए नजर आए, वहीं दूसरी ओर तेज प्रताप यादव ने बहन के समर्थन में खुलकर मोर्चा संभाल लिया।
अपमान किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
तेज प्रताप यादव ने पहले भी बहन के अपमान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था, “जो मेरी बहन का अपमान करेगा, उस पर कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलेगा।” अब एक बार फिर उन्होंने बहन की सुरक्षा की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि उनकी बहन को सुरक्षा चाहिए, तो सरकार को तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बहन का अपमान किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समीकरणों पर भी सवाल खड़े कर दिए
तेज प्रताप ने चिंता जताते हुए यह भी कहा, “स्थिति इतनी गंभीर है कि मैं खुद भी यहां सुरक्षित महसूस नहीं करता।” उनके इस बयान ने न सिर्फ पारिवारिक कलह को और उजागर किया है, बल्कि राजद के अंदरूनी समीकरणों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।