उपमुख्यमंत्री ने दिया विकास का भरोसा
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस निर्णय पर मुहर लगाते हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को आश्वस्त किया है कि यह केवल नाम का परिवर्तन नहीं, बल्कि क्षेत्र के कायाकल्प की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ की नगरी के रूप में विख्यात इस स्थल को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर जोर
सरकार ने नाम बदलने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है।
नया एप्रोच रोड, निर्माणाधीन अगुवानी
अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से सीधे मंदिर तक एक नया शहरी एप्रोच रोड बनाया जाएगा। इससे श्रावणी मेले के दौरान लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। रेलवे स्टेशन का कायाकल्प, नगर परिषद द्वारा शहर और रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है, जिसे केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया जारी है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
हर साल विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु यहाँ से गंगाजल लेकर देवघर की पदयात्रा शुरू करते हैं। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि अजगैबीनाथ धाम नाम मिलने से इस स्थल की पहचान एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी। सुल्तानगंज की पहचान सदियों से बाबा अजगैबीनाथ से रही है। नाम परिवर्तन श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है और विकास योजनाओं से यहाँ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।