Aaj Ka Panchang: आज 20 May 2026, बुधवार के दिन ज्येष्ठ (अधिक) मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस बार बुधवार और वरदा चतुर्थी का विशेष शुभ संयोग बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। संवत् 2083 के अनुसार शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रातः 11:06 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी।
पुनर्वसु नक्षत्र और चंद्र गोचर से बढ़ेगा शुभ प्रभाव
आज पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव दिनभर बना रहेगा, जिसका संबंध ज्ञान, आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा से माना जाता है। चंद्रमा आज मिथुन राशि में गोचर करेंगे और रात्रि 10:38 बजे के बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति देव हैं, जबकि इसकी अधिष्ठात्री देवी अदिति मानी जाती हैं। यह नक्षत्र आशावाद, स्मरण शक्ति, मधुर वाणी और धार्मिक प्रवृत्ति का प्रतीक माना जाता है।
आज के शुभ मुहूर्त
आज सूर्योदय प्रातः 05:28 और सूर्यास्त सायं 07:08 बजे होगा। अमृत काल रात्रि 02:00 से 03:28 (21 मई) तक रहेगा। वहीं शूल योग दोपहर 02:10 तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद गण्ड योग प्रारंभ होगा। अभिजीत मुहूर्त आज नहीं है। राहुकाल दोपहर 12:18 से 02:00 तक रहेगा, जबकि गुलिकाल प्रातः 10:35 से 12:18 तक और यमगण्ड प्रातः 07:10 से 08:53 तक रहेगा।
वरदा चतुर्थी पर गणपति पूजन का विशेष महत्व
ज्योतिष और धर्मशास्त्रों के अनुसार, वरदा चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से कार्यों में सफलता मिलती है और मानसिक तनाव कम होता है। इस दिन व्रत रखकर दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। पुनर्वसु नक्षत्र और बुधवार का यह संयोग विद्यार्थियों, व्यापारियों और नए कार्य शुरू करने वालों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।