Jharkhand: झारखंड के लोहरदगा जिले में रविवार को एक बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते बच गया। रेलवे कर्मचारियों की तत्परता और समय पर मिली सूचना की वजह से रांची-लोहरदगा-टोरी मेमू ट्रेन (68027) एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। कोयल नदी पर बने रेलवे पुल का पिलर क्षतिग्रस्त होने के कारण ट्रेन को पुल से ठीक पहले ही रोक दिया गया।
ऐन वक्त पर रुकी ट्रेन, सुरक्षित निकाले गए यात्री
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 68027 सुबह लगभग 9 बजे रांची से चंदवा टोरी के लिए रवाना हुई थी। रविवार होने के कारण ट्रेन में यात्रियों की भारी भीड़ थी। जैसे ही ट्रेन लोहरदगा पहुंचने वाली थी, रेलवे कर्मचारियों को सूचना मिली कि कोयल नदी पर बने पुल का पिलर नंबर 5 और 6 क्षतिग्रस्त हो गया है। चालक ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को पुल के पास ही रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर सभी यात्रियों को ट्रेन से उतार दिया गया, जिसके बाद लोग पैदल ही पटरी और पुल पार कर स्टेशन पहुंचे।
अवैध खनन बना हादसे की वजह
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कोयल-शंख नदी में लंबे समय से चल रहे अवैध बालू खनन को इस क्षति का मुख्य कारण माना जा रहा है। खनन की वजह से पुल के पिलर के नीचे की मिट्टी खिसक गई है, जिससे पिलर अब ट्रेन का भारी बोझ सहने की स्थिति में नहीं है। रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर दरारों की जांच कर रही है।
रेल परिचालन पर असर
रांची रेलमंडल की सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने पुष्टि की है कि पुल में दरारें देखी गई हैं। सुरक्षा कारणों से इस रूट पर परिचालन पूरी तरह रोक दिया गया है। लोहरदगा मेमू पैसेंजर को फिलहाल नागजुवा स्टेशन से संचालित किया जा रहा है। इस मार्ग से गुजरने वाली राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम की हरी झंडी मिलने के बाद ही इस रूट पर दोबारा ट्रेनों की आवाजाही शुरू की जाएगी। फिलहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच जारी है।