Jamshedpur: चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार देर रात टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को गांजे की तस्करी के आरोप में धर दबोचा। टीम ने इनके पास से कुल 36.5 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख 25 हजार रुपये बताई जा रही है।
मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी नजर
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. शंकर कुट्टी के निर्देशानुसार चक्रधरपुर मंडल में इन दिनों “ऑपरेशन नारकोस” के तहत मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी निगरानी के दौरान टाटानगर स्टेशन पर आरपीएफ की विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
आरपीएफ कर्मियों को हुआ संदेह
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 3:30 बजे समलेश्वरी एक्सप्रेस (18006) से तीन युवक प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर उतरे। उनके पास एक-एक पिट्ठू बैग और ट्रॉली बैग था। भारी सामान और असामान्य व्यवहार के कारण आरपीएफ कर्मियों को उन पर संदेह हुआ। जब तीनों युवक नए फुट ओवरब्रिज से स्टेशन परिसर से बाहर जाने लगे, तब आरपीएफ ने उन्हें रोककर पूछताछ और तलाशी ली।
कुल 36.5 किलो गांजा बरामद
जांच के दौरान उनके बैगों से प्लास्टिक में लपेटा गया कुल 36.5 किलो गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गांजा ओडिशा के रुपरा स्टेशन से ट्रेन में चढ़ाया गया था और इसे उत्तर प्रदेश के बनारस में सप्लाई किया जाना था।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पश्चिमी चंपारण के मंजूर अली (22), कुशीनगर के विवेकानंद गुप्ता (23) और बलिया निवासी अशोक गिरी (40) के रूप में हुई है। आरपीएफ ने तीनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए टाटानगर रेल थाना को सौंप दिया है।
बता दें कि आरपीएफ उड़नदस्ता टीम ने हाल के महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान तेज किया है। इसी कड़ी में 28 नवंबर को पलामू निवासी उदय कुमार से 17 किलो और 27 सितंबर को पटना निवासी विकास कुमार से 20 किलो गांजा बरामद किया गया था।