Jharkhand News: प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. नियमावली और उसके संशोधनों के अनुरूप अब नव नियुक्त सहायक आचार्यों की स्थायी पदस्थापना की दिशा में प्रशासन ने औपचारिक कदम बढ़ा दिया है.
नियुक्ति नियमावली के तहत पूरी हुई प्रक्रिया
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति प्रोन्नति एवं सेवाशर्त नियमावली और उसमें किए गए संशोधनों के आलोक में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न की गई है. इसी नियमावली के आधार पर जेएसएससी ने प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का आयोजन किया था, जिसके माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन हुआ.
योगदान और प्रशिक्षण की व्यवस्था
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग रांची द्वारा अनुशंसित सूची के अनुसार इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य कक्षा 1 से 5 और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य कक्षा 6 से 8 नॉन पारा और पारा कोटि के अभ्यर्थियों ने जिला शिक्षा अधीक्षक रांची के कार्यालय में योगदान दिया. योगदान के बाद सभी नव नियुक्त शिक्षकों को प्रशिक्षण के उद्देश्य से जिले के विभिन्न विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया गया था.
स्थायी पोस्टिंग सूची जारी
जिला शिक्षा स्थापना समिति रांची की 23 दिसंबर को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में 24 दिसंबर को कार्यालय ज्ञापांक-4959 के तहत नव नियुक्त सहायक आचार्यों की स्थायी पोस्टिंग सूची जारी की गई है. यह सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.ranchi.nic.in पर प्रकाशित की गई है, ताकि अभ्यर्थी अपनी पदस्थापना की जानकारी प्राप्त कर सकें.
योगदान की अंतिम तिथि तय
जारी निर्देश के अनुसार इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य कक्षा 1 से 5 को संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी या अवर विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य कक्षा 6 से 8 को संबंधित क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में 27 दिसंबर तक योगदान देना अनिवार्य होगा. इसी उपस्थिति के आधार पर निर्धारित अवधि का वेतन भुगतान मान्य किया जाएगा.
अवकाश अवधि में उपस्थिति का निर्देश
विद्यालयों में 5 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित रहने के कारण सभी नव नियुक्त सहायक आचार्य 27 दिसंबर से 5 जनवरी 2026 तक अपने अपने नियंत्री पदाधिकारी कार्यालय में प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करेंगे. अवकाश समाप्त होने के बाद 6 जनवरी को उन्हें अपने मूल पदस्थापित विद्यालय में योगदान देना होगा.
प्रशिक्षण को लेकर निर्देश
संबंधित शिक्षा पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि योगदान देने वाले सभी नव नियुक्त सहायक आचार्यों को राज्य और जिला स्तर पर संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे शैक्षणिक कार्यों को प्रभावी ढंग से संभाल सकें.
शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद
प्रारंभिक विद्यालय सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया का पूरा होना शिक्षा व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है. स्थायी पोस्टिंग सूची जारी होने से जहां शिक्षकों को स्पष्टता मिली है, वहीं स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद भी जगी है. प्रशिक्षण और उपस्थिति को लेकर दिए गए निर्देश यह संकेत देते हैं कि प्रशासन शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन दोनों पर फोकस कर रहा है.