Jharkhand: झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार की सुबह घने कुहासे के कारण दृश्यता बहुत कम दिखाई दी। कई इलाकों में यह 500 मीटर से भी नीचे चली गई, जिससे हवाई यातायात पर असर पड़ा। इसी तरह राज्य के देवघर और जमशेदपुर में भी कुहासे की स्थिति ऐसे ही बनी रही। जहां जमशेदपुर में दृश्यता करीब 500 मीटर रही, वहीं देवघर में यह लगभग 700 मीटर तक सीमित रही।
आने वाले छह दिनों तक कुहासे की तीव्रता तेज
मौसम विभाग ने बताया है कि फिलहाल राज्य में ठंड के कहर में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। ठंडी हवाएं लगातार चल रही हैं, जिससे तापमान में केवल हल्का उतार-चढ़ाव संभव है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले छह दिनों तक कुहासे की तीव्रता बढ़ सकती है। झारखंड के कई हिस्सों में शाम होते ही धुंध और कुहासे का असर दिखने लगेगा।
24 घंटों के अंदर का न्यूनतम तापमान
बीते 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया। रांची का न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं गुमला राज्य का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां पर न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री कम बना हुआ है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण सुबह के समय कुहासे के साथ ठंड का असर और तेज महसूस किया जा रहा है।
कांके में सबसे ज्यादा ठंड
रांची के कांके क्षेत्र में ठंड का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिला। जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 2.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं मैकलुस्कीगंज में शनिवार को न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के दस जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। अगले पांच दिनों तक ठंड की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 18 तारीख के बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है।