Jharkhand News: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने राउरकेला में हुए चार हजार किलोग्राम विस्फोटक लूट कांड की जांच में अहम जानकारी सामने लाई है. एजेंसी के अनुसार झारखंड और ओडिशा में सक्रिय नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमले और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना के तहत विस्फोटक लूटे थे.
एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अनल भी शामिल
जांच के बाद एनआईए ने 11 नक्सलियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इसमें सारंडा इलाके में सक्रिय एक करोड़ रुपये के इनामी पतिराम मांझी उर्फ अनल के साथ जरजा मुंडा, अनमोल, रमेश उर्फ अनल दा, पिंटू लोहरा, लालजीत, शिवा बोदरा, अमित मुंडा, सुखलाल मुंडा, रवि, राजेश, सोहन और अप्टन के नाम शामिल हैं.
एजेंसी का कहना है कि आरोपियों ने लगभग 200 पैकेट विस्फोटक लूटने की साजिश रची और उसे अंजाम दिया. हर पैकेट में 20 किलोग्राम सामग्री थी जो कुल मिलाकर चार हजार किलोग्राम से अधिक विस्फोटक बनता है.
घटना 27 मई की है जब इटमा एक्सप्लोसिव स्टेशन से खदान में ले जाए जा रहे विस्फोटक को 10 से 15 सशस्त्र माओवादियों ने रास्ते में रोक लिया था. वे वाहन और ड्राइवर को जबरन जंगल की ओर ले गए और उसे नक्सलियों के गढ़ में पहुंचाया गया.
जून में मामला स्थानीय पुलिस से NIA को सौंपा गया
जून में यह मामला स्थानीय पुलिस से एनआईए को सौंपा गया. जांच में पता चला कि नक्सल गतिविधियों को बढ़ाने और सरकारी सुरक्षा प्रणाली को कमजोर करने के उद्देश्य से यह बड़ा लूटकांड किया गया था. एजेंसी के मुताबिक यह माओवादी संगठन की व्यापक साजिश का हिस्सा था जो देश की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकता था.
नक्सली गतिविधियों को सीमित करने के बावजूद उनका नेटवर्क अभी भी सक्रिय
एनआईए की चार्जशीट यह संकेत देती है कि नक्सली संगठन एक बार फिर बड़े हमलों की योजना बना रहे थे. बड़ी मात्रा में विस्फोटक की लूट यह बताती है कि वे सुरक्षा बलों के खिलाफ लंबे समय तक चलने वाली हिंसक कार्रवाई की तैयारी में थे. जांच के बाद जिन नक्सलियों के नाम सामने आए हैं, उनसे यह भी स्पष्ट है कि यह घटना किसी स्थानीय स्तर की नहीं बल्कि शीर्ष नेतृत्व से निर्देशित ऑपरेशन था. यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी है कि नक्सली गतिविधियों को सीमित करने के बावजूद उनका नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की क्षमता रखता है.