बूथ लेवल अधिकारी फैमिली ट्री तैयार कर हर मतदाता की पारिवारिक कड़ी को चिन्हित कर रहे हैं. देश के कई राज्यों में एसआईआर का दूसरा चरण फरवरी में खत्म होगा. इसके बाद उन राज्यों के लिए तीसरे चरण की घोषणा की संभावना है जिनमें झारखंड भी शामिल है. इसी बीच राज्य में मैपिंग का काम पूरा करने की कोशिश चल रही है.
एसआईआर के दौरान सभी पात्र नागरिकों को निर्धारित दस्तावेज चुनाव आयोग को उपलब्ध कराने होंगे. नागरिकता, पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेज अनिवार्य होंगे. आवेदन के समय आवेदक को अपने और अपने माता पिता के दस्तावेज अलग-अलग स्व प्रमाणित कर जमा करने होंगे.
आयोग ने 13 दस्तावेजों की संदर्भ सूची जारी की है जो सहायक दस्तावेज के तौर पर स्वीकार्य होगी. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अभियान चलाकर लोगों को दस्तावेज अपडेट कराने और आवेदन प्रक्रिया समझाने का काम किया जा रहा है. पंचायत स्तर पर मैपिंग के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं.
सूची में साफ कहा गया है कि आधार कार्ड अकेले नागरिकता साबित नहीं करेगा, हालांकि इसे पहले जारी दिशानिर्देशों के अनुसार सहायक दस्तावेज की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. नागरिकों से आग्रह है कि वे पहचान, निवास और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय रहते तैयार रखें. सत्यापन और नागरिकता से जुड़े अगले चरणों पर विस्तृत दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे.
झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मतदाता सूची का 2003 से मिलान और फैमिली ट्री तैयार कराने की पहल सवालों और आशंकाओं को भी जन्म दे रही है. दस्तावेजों की अनिवार्यता ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं के लिए चुनौती बन सकती है. आने वाले महीनों में यह प्रक्रिया किस तरह लागू होती है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है, यह देखना अहम होगा.