Jharkhand Big News: झारखंड शराब घोटाले की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. ACB द्वारा दर्ज केस को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टेकओवर कर लिया है. ED ने ACB के कांड संख्या 9/2025 को अपने हाथ में लेते हुए ECIR केस नंबर 10/2025 दर्ज किया है.
एजेंसी ने ECIR दर्ज करने के बाद रांची की PMLA विशेष कोर्ट में आवेदन देकर एसीबी द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने अनुमति दे दी है और अब ED जेल में बंद आरोपियों से सवाल जवाब कर सकेगी और उनका बयान दर्ज करेगी. ED के आवेदन का फाइलिंग नंबर 11431/2025 और रजिस्ट्रेशन नंबर 10/2025 है.
इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब एसीबी ने प्रारंभिक जांच के बाद मई में प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह और विनय सिंह सहित 10 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. केस दर्ज होने के बाद एसीबी ने विनय चौबे और गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं जिनमें कई आरोपियों को बेल भी मिल चुकी है. एसीबी अपनी जांच जारी रखे हुए है और अब ED की एंट्री के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है.
शराब घोटाले की जांच दो अलग एजेंसियों के हाथ में होने से केस की संवेदनशीलता और गंभीरता दोनों बढ़ गई है. यह साफ दिख रहा है कि वित्तीय अनियमितताओं का दायरा बड़ा है और जांच लंबी चल सकती है. ED के शामिल होने से मनी ट्रेल और अवैध लेनदेन की परतें खुलने की संभावना बढ़ जाती है जिससे कई बड़े नाम मुश्किल में आ सकते हैं.