प्रदर्शन कर रहे जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं
प्रदर्शन कर रहे जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनका विरोध सड़क चौड़ीकरण से नहीं, बल्कि इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया से है. उनका कहना है कि भुइयांडीह में वर्षों से बसे गरीब और मजदूर परिवारों के घर तोड़े जाने से पहले प्रशासन को पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी.
बिना किसी योजना और तैयारी के लोगों को बेघर करना बेहद अमानवीय
बिना किसी योजना और तैयारी के लोगों को बेघर करना बेहद अमानवीय है. इससे कई परिवारों के सामने रहने और रोजी- रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले पर पुनर्विचार करने और तोड़े गए घरों से प्रभावित सभी परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास योजना लागू करने की मांग की है.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. जिला जदयू ने यह भी मांग की कि भविष्य में किसी भी विकास परियोजना को लागू करने से पहले नियमों के अनुरूप जनसुनवाई और जनहित का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े.
गौरतलब है कि पिछले दिनों इस मामले को लेकर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू और राज्य के पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने भी भुईयांडीह में हुए कार्रवाई पर रोष जाता चुके हैं. हालांकि प्रशासन ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की है.