आधार कार्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने नियमों में बड़ा बदलाव किया हैं। इन बदलावों का सीधा असर पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेज़ों पर पड़ेगा।
पैन कार्ड अब पहचान पत्र नहीं
UIDAI ने सबसे महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पैन कार्ड को पहचान दस्तावेज़ों की आधिकारिक सूची से हटा दिया है। अब आधार बनवाने या अपडेट करने में पैन पहचान के रूप में मान्य नहीं होगा।
बैंक पासबुक केवल पते का प्रमाण
पहले बैंक पासबुक या बैंक द्वारा जारी प्रमाणपत्र पहचान और पते दोनों के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किए जाते थे।
लेकिन अब नए नियमों के अनुसार बैंक पासबुक अब केवल पते का प्रमाण होगी, पहचान का नहीं।
UIDAI ने यह स्पष्ट किया है कि पहचान और पते के लिए अलग-अलग दस्तावेज़ लाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्कूल आईडी, सरकारी दस्तावेज या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ प्रक्रिया को आसान बनाएंगे।
18 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार अब केवल जन्म प्रमाण पत्र से
बच्चों की पहचान को अधिक सटीक करने के लिए UIDAI ने बड़ा बदलाव किया है।
अब 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का आधार केवल जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही बनाया जाएगा।
इससे गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज़ों के इस्तेमाल की संभावना कम होगी।
आधार अपडेट प्रक्रिया हुई आसान
पहले आधार अपडेट के लिए पुराने पहचान दस्तावेज़ की प्रतिलिपि जमा करना अनिवार्य था।
लेकिन अब नई व्यवस्था में यह नियम हटाया गया है और अब बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर ही अपडेट संभव होगा।
क्या-क्या बदला? जाने
पैन कार्ड अब पहचान दस्तावेज़ नहीं है।
बैंक पासबुक पहचान नहीं, केवल पते का प्रमाण है।
18 वर्ष से कम बच्चों का आधार केवल जन्म प्रमाण पत्र से बनेगा।
आधार अपडेट अब बिना पहचान दस्तावेज़ के भी हो सकता है।
पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज़ों की सूची में व्यापक सुधार हुआ है।
UIDAI का कहना है कि इन बदलावों के लागू होने से आधार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और फर्जी दस्तावेज़ों के उपयोग पर रोक लग सकेगी।