Jharkhand News: रांची में सेना की कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की अवैध खरीद बिक्री से जुड़े मामले में आईएएस अधिकारी छवि रंजन द्वारा दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. प्रार्थी की ओर से इस केस को वापस लेने का अनुरोध किया गया जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने यह छूट भी दी है कि प्रार्थी बीएनएसएस की धारा 528 के तहत दोबारा आवेदन दाखिल कर सकता है. सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा.
याचिका में कहा गया था कि किसी सरकारी अधिकारी पर आपराधिक मुकदमा चलाने से पहले सीआरपीसी की धारा 197 के तहत अभियोजन स्वीकृति आवश्यक होती है लेकिन ईडी ने इस केस में स्वीकृति नहीं ली है. इसी आधार पर आरोपियों ने ईडी कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान आदेश को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने का आग्रह किया था.
उल्लेखनीय है कि बरियातू स्थित सेना की जमीन के दस्तावेज में हेराफेरी के आरोप में रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन को ईडी ने 4 मई 2023 को गिरफ्तार किया था.
इस मामले में ईडी ने ईसीआईआर 1/2023 दर्ज किया है. इसमें छवि रंजन समेत दस आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है. आरोप भी गठित हो चुके हैं लेकिन ट्रायल अभी शुरू नहीं हुआ है. बरियातू थाना में दर्ज मूल प्राथमिकी के आधार पर ही ईडी की कार्रवाई आगे बढ़ी थी.
छवि रंजन द्वारा याचिका वापस लेने का निर्णय संकेत देता है कि बचाव पक्ष अपनी कानूनी रणनीति बदल रहा है. अभियोजन स्वीकृति का मुद्दा इस मामले में महत्वपूर्ण बना हुआ है क्योंकि यही बिंदु आगे की सुनवाई व ट्रायल की दिशा तय कर सकता है. हाईकोर्ट द्वारा दी गई छूट से यह भी स्पष्ट है कि बचाव पक्ष भविष्य में नयी कानूनी याचिका के साथ फिर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है.