Giridih Breaking: गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र के दलिया गांव में मंगलवार की सुबह पत्थर खदान में वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष हो गया. बताया जा रहा है कि दो गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो आज गोलीबारी में तब्दील हो गया. सुबह करीब नौ बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आए और देखते ही देखते कई राउंड फायरिंग हुई. इस घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक युवक के पैर में गोली लगी है.
घटना की सूचना मिलते ही जमुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई. पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ भेजा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस खदान को लेकर विवाद हुआ वह तुलसी वर्मा, राजू वर्मा और सुबोध नामक लोगों के नाम पर चल रही थी. लेकिन बताया जाता है कि बिहार के कुछ लोग इस खदान पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे थे. पिछले कुछ दिनों से वे गांव में डेरा डाले हुए थे और इसी को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता जा रहा था.
मंगलवार की सुबह विवाद अचानक भड़क गया. दोनों पक्षों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई और फिर एक गुट ने फायरिंग शुरू कर दी और छह लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है.
यह घटना गिरिडीह जिले में अवैध खनन और पत्थर खदानों पर वर्चस्व की जंग की गंभीर तस्वीर पेश करती है. प्रशासन की नाक के नीचे वर्षों से बिना लाइसेंस या विवादित खदानों पर कब्जे की कोशिशें होती रही हैं, लेकिन कार्रवाई अक्सर कागजों तक सीमित रही है. इससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ा है. ऐसे में यह घटना केवल दो गुटों की आपसी रंजिश नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता भी उजागर करती है जो खनन क्षेत्र में कानून का राज स्थापित करने में नाकाम रही है. अगर प्रशासन ने पहले ही विवादित खदानों पर रोक लगाई होती तो आज गोली नहीं चलती, खून नहीं बहता.