Jharkhand News: साइबर अपराधों के लिए चर्चित जामताड़ा में अब नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. कोर्ट चौक के पीछे एक निजी आवास में चल रहे लाइफ चाइल्ड एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी नाम के एनजीओ पर 117 महिलाओं से 36 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है. आरोप है कि संस्था के संचालक धीरज कुमार गुप्ता ने आदिवासी और गरीब महिलाओं को वार्ड टीचर बनाने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूली की. धीरज मूल रूप से बिहार के गोपालगंज का रहने वाला है.
जानकारी के मुताबिक संस्था खुद को जिले में 24 शाखाएं संचालित करने वाला बताती थी और हर अभ्यर्थी से नियुक्ति शुल्क के नाम पर 31 हजार रुपये लिये जाते थे. इसके अलावा परीक्षा शुल्क के रूप में 300 रुपये और ट्रेनिंग शुल्क के तौर पर 500 रुपये भी वसूले जाते थे. शिकायत मिलने पर एसडीओ अनंत कुमार ने टीम के साथ मौके पर छापेमारी की और पता चला कि संस्था उत्तर प्रदेश के देवरिया में पंजीकृत है लेकिन झारखंड में काम करने की कोई सरकारी अनुमति नहीं थी. स्थिति स्पष्ट होने के बाद एसडीओ ने इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए कार्यालय को सील करा दिया.
कार्रवाई के बाद एनजीओ संचालक को गिरफ्तार कर नगर थाना भेजा गया है. सीओ जामताड़ा के बयान पर थाना कांड संख्या 127/25 दर्ज हुई है और आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. धीरज कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि यह संगठित आर्थिक अपराध का मामला है और विस्तृत जांच कर सभी पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
जामताड़ा में एनजीओ की आड़ में हुई यह ठगी न केवल बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाने का उदाहरण है बल्कि इस बात की भी ओर संकेत करती है कि नौकरी के नाम पर फर्जी संस्थाएं कितनी तेजी से पैर पसार रही हैं. खासकर गरीब और आदिवासी वर्ग को निशाना बनाना चिंता का विषय है. प्रशासनिक सतर्कता से मामला उजागर हुआ है लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों पर पहले ही रोक लगे और नौकरी चाहने वालों के बीच जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि वे ऐसे जाल में न फंसें.