Jamshedpur: एक अहम फैसले में जमशेदपुर सिविल कोर्ट ने शुक्रवार को टाटा मोटर्स लिमिटेड के अस्थायी कर्मचारी गणेश बेहेरा को 2022 में दर्ज चोरी के मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया।
मामला GR No. 1206/2022 के रूप में दर्ज
यह मामला GR No. 1206/2022 के रूप में दर्ज किया गया था, जिसे टाटा मोटर्स के DGM (HR) अमितेश पांडेय ने दर्ज कराया था। आरोप था कि बेहेरा ने चांदी के सिक्कों व अन्य वस्तुओं की चोरी की थी, जिसकी कीमत 24.50 लाख रुपये बताई गई थी। उन पर IPC की धारा 406, 408, 411 और 420 के तहत आरोप लगाए गए थे।
लंबी सुनवाई और विस्तृत बहसों के बाद
लंबी सुनवाई और विस्तृत बहसों के बाद, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अदनान अकीब ने बेहेरा को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा और पेश किए गए सबूत भी आरोपों का समर्थन नहीं करते।
बेहेरा की ओर से अधिवक्ता
बेहेरा की ओर से अधिवक्ता संजय प्रसाद, राहुल गोस्वामी, श्वेता सिंह, पूजा गुहा, प्रियंका झा और निशांत जैन ने दलील दी कि लगाए गए आरोप निराधार और तथ्यहीन थे।
फैसले के बाद गणेश बेहेरा ने आभार व्यक्त किया
फैसले के बाद गणेश बेहेरा ने राहत और आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि मेरी प्रतिष्ठा की वापसी है। सत्य की हमेशा जीत होती है। यह फैसला साबित करता है कि ईमानदारी और धैर्य के साथ खड़े रहने वालों को न्याय जरूर मिलता है।”
कोर्ट के इस निर्णय से बेहेरा को बड़ी राहत मिली
कोर्ट के इस निर्णय से बेहेरा को बड़ी राहत मिली है और तीन साल पुराने मामले से उन्हें क्लीन चिट मिल गई है, जिसे झूठा और मनगढ़ंत माना गया था।