Saraikela News: सरायकेला जिले में एक बार फिर गौ तस्करों की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं. शनिवार देर रात सरायकेला थाना क्षेत्र के रंगा मटिया गांव में ग्रामीणों ने तस्करी के लिए ले जाए जा रहे बैलों से भरी एक स्कार्पियो को रोक लिया. जब ग्रामीणों ने वाहन की तलाशी ली तो अंदर कई बैल बंधे हुए मिले. देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित ग्रामीणों ने बैलों को मुक्त कराया और उसके बाद स्कार्पियो वाहन को आग के हवाले कर दिया.
घटना की जानकारी मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए सभी मवेशियों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. हालांकि इस बीच तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया. पुलिस ने मौके से जली हुई स्कार्पियो को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद तस्कर लगातार गांवों से होकर मवेशियों की अवैध ढुलाई कर रहे हैं. उनका कहना है कि अब ये लोग मुख्य सड़कों से नहीं बल्कि गांवों के कच्चे रास्तों से होकर तस्करी कर रहे हैं ताकि पुलिस की नजर से बच सकें. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद ऐसे तस्करों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए. पुलिस ने किसी तरह भीड़ को शांत किया.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए और गौ तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं. ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे स्वयं ऐसे लोगों के खिलाफ कदम उठाने को मजबूर होंगे.
यह घटना न सिर्फ प्रशासन की नाकामी को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीणों के भीतर बढ़ते असंतोष को भी सामने लाती है. गौ तस्करी पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून मौजूद हैं, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है. तस्करों का ग्रामीण इलाकों से होकर निकलना यह साबित करता है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमी है. सरायकेला की यह घटना संकेत देती है कि अब जनता का सब्र टूटने लगा है और यदि प्रशासन ने हालात पर काबू नहीं पाया, तो आने वाले दिनों में ऐसे उग्र विरोध और देखने को मिल सकते हैं.