Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-10-24

Jharkhand News: टेंडर घोटाला मामले में तत्कालीन मंत्री के आप्त सचिव संजीव लाल की पत्नी सहित 8 के खिलाफ ED ने दायर किया आरोप पत्र

Jharkhand News: टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने फिर बड़ी कार्रवाई की है. प्रवर्तन निदेशालय ने ग्रामीण विकास विभाग में हुए करोड़ों रुपये के टेंडर घोटाले से जुड़े मामले में तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के आप्त सचिव संजीव लाल की पत्नी रीता लाल समेत आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है. ईडी की यह कार्रवाई घोटाले के उस बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है, जो सरकारी ठेकों में कमीशनखोरी और घूसखोरी के जरिये अवैध संपत्ति खड़ी करने में लिप्त था.
इस बार जिन लोगों पर आरोप तय किए गए हैं, उनमें वे ठेकेदार भी शामिल हैं जिन्होंने विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम को महंगी गाड़ियां और नकद घूस दी थी. ईडी ने इस मामले में PMLA की विशेष अदालत में चौथा Prosecution Complaint दायर किया है. अब तक इस टेंडर घोटाले में कुल 22 लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है.

ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक ठेकेदार राजेश कुमार और उसकी दो कंपनियां, मेसर्स राजेश कुमार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और परमानंद सिंह बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित किया गया है. बताया गया कि वीरेंद्र राम के ठिकानों पर हुई छापेमारी में कई लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई थीं. ठेकेदार राजेश कुमार ने पूछताछ में यह स्वीकार किया था कि उसने 1.88 करोड़ रुपये नकद के अलावा Toyota Innova और Toyota Fortuner भी घूस के रूप में दी थी.

वहीं ठेकेदार राधा मोहन साहू ने भी वीरेंद्र राम को 39 लाख रुपये और एक Toyota Fortuner देने की बात स्वीकारी थी. यह गाड़ी उसके बेटे अंकित साहू के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गई. इसके अलावा अतिकुल रहमान नाम के व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है, जो वीरेंद्र राम की घूस का पूरा हिसाब रखता था. ईडी ने अतिकुल के घर से 4.40 लाख रुपये नकद बरामद किए थे.

एक और आरोपी ठेकेदार राजीव कुमार सिंह के घर से ईडी ने 2.13 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे. राजीव ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने लगभग 15 करोड़ रुपये की घूस वसूली की थी. इसके साथ ही ईडी ने संजीव लाल की पत्नी रीता लाल को भी आरोपित किया है. आरोप है कि उन्होंने अपने पति की अवैध आमदनी से संपत्ति खरीदी थी.

इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं. ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियर सुरेश वर्मा के खिलाफ 10 हजार रुपये की घूस लेते हुए दर्ज प्राथमिकी को ECIR में दर्ज किया था. इसके बाद इस मामले की तहकीकात में बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ. ईडी की छापेमारी में अब तक कुल 37 करोड़ रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं. इनमें से 32.20 करोड़ रुपये संजीव लाल के करीबी जहांगीर आलम के ठिकानों से बरामद हुए थे.

इससे पहले ईडी ने तीन आरोप पत्र दाखिल किए थे, जिनमें तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम, उनके आप्त सचिव संजीव लाल, चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम, जहांगीर आलम, हवाला कारोबारी और दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत कई लोगों को आरोपित किया गया था.

इस पूरे प्रकरण ने झारखंड की नौकरशाही और राजनीतिक तंत्र में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं. ग्रामीण विकास जैसे अहम विभाग में टेंडर घोटाले का मामला केवल पैसों की हेराफेरी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सीधा आघात है. ठेकेदारों, अधिकारियों और राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के गठजोड़ ने सरकारी कामों को निजी मुनाफे का जरिया बना दिया है.

ईडी की कार्रवाई यह दिखाती है कि सिस्टम में जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकि यह भी सवाल उठता है कि इतने बड़े घोटाले इतने लंबे समय तक बिना राजनीतिक संरक्षण के कैसे चलते रहे. जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई से यह तय होगा कि यह केवल कुछ चेहरों की बलि तक सीमित रहेगा या सच में सिस्टम को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !