Jharkhand: झारखंड सरकार लगातार युवाओं के भविष्य को संवारने में जुटी हुई है। वर्ष 2022 में शुरू की गई मुख्यमंत्री सारथी योजना आज राज्य के लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन गई है। इस योजना के तहत अब तक 2 लाख 92 हजार 659 युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठानों में रोजगार का अवसर मिल चुका है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार के योग्य बनाना है। सरकार गैर-आवासीय प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और युवतियों, दिव्यांगजन तथा किन्नरों को 1,500 रुपये का रोजगार प्रोत्साहन भत्ता भी देती है।
अब तक इस योजना में 9.36 लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 6.91 लाख को नामांकित किया गया, 6.16 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण मिला, और 4.71 लाख से ज्यादा को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
रोजगार के अवसरों में बढ़त
योजना के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत युवाओं को रोजगार से जोड़ने के परिणाम भी उत्साहजनक रहे हैं:
एक्सल (Employability Excellence with College Education and Learning) : 2,801 युवाओं को नौकरी
डीडीयूकेके (Deen Dayal Upadhyaya Kaushal Kendra) : 1,75,405 युवाओं को रोजगार
एसजेकेवीवाई (Saksham Jharkhand Kaushal Vikas Yojana) : 96,411 युवाओं को अवसर
बिरसा (Block Level Institute for Rural Skill Acquisition) : 18,042 युवाओं को नौकरी
समाज के हर वर्ग तक पहुंच
मुख्यमंत्री सारथी योजना ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।
प्रशिक्षण पाने वालों में एसटी वर्ग के 24%, एससी वर्ग के 10.9%, ओबीसी वन के 28.1%, ओबीसी टू के 8.7% और सामान्य वर्ग के 28.3% युवा शामिल हैं।
वहीं रोजगार पाने वालों में एसटी के 25.7%, एससी के 10.8%, ओबीसी वन के 27.2%, ओबीसी टू के 8.4% और सामान्य वर्ग के 27.9% युवा शामिल हैं।
यह योजना झारखंड के श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के तहत झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित की जा रही है।
युवाओं का कहना है कि इस योजना ने न केवल उन्हें रोजगार के अवसर दिए हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखाई है। वास्तव में, मुख्यमंत्री सारथी योजना आज झारखंड के युवाओं के सपनों की “सारथी” बन गई है।