Jamshedpur Breaking: जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के गोला बस्ती में स्थित एक स्क्रैप टाल में देर रात अचानक भीषण आग लग गई. रात करीब साढ़े एक बजे के आसपास लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. बताया जा रहा है कि आग पटाखे से लगी होने की आशंका जताई जा रही है. आग इतनी तेज थी कि आसपास की बस्तियों तक फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया.
स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी. मौके पर पहुंची छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. अगर दमकल की टीमें समय पर नहीं पहुंचतीं तो एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी, क्योंकि स्क्रैप टाल के ठीक बगल में घनी आबादी वाली बस्तियां बसी हुई हैं.
स्क्रैप टाल के मालिक सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि रात करीब साढ़े एक बजे वे पूजा करके घर लौटे थे. थोड़ी देर बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें फोन कर बताया कि टाल में आग लग गई है. उन्होंने कहा कि आग में पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. कई कीमती सामान और मशीनें जलकर राख हो गईं.
घटना की जानकारी मिलते ही पश्चिम विधानसभा के विधायक सरयू राय के प्रतिनिधि नीरज सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि स्थानीय कार्यकर्ताओं से सूचना मिलते ही विधायक को अवगत कराया गया और तत्परता दिखाते हुए दमकल विभाग से मदद मांगी गई. फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत पहुंचकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई.
फिलहाल पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच में जुट गए हैं. प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आसपास छोड़े गए पटाखों से आग लगी होगी, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है.
सोनारी का यह हादसा शहर में सुरक्षा और फायर मैनेजमेंट सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है. दीपावली के आसपास ऐसे कई स्थानों पर पटाखों और पूजा सामग्री के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन फिर भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते. घनी आबादी के बीच स्थित स्क्रैप टाल खुद एक संभावित खतरा हैं, जहां ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में रहती है. यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन केवल कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए. अगर फायर ब्रिगेड की टीम देर से पहुंचती तो यह हादसा भयावह रूप ले सकता था. अब जरूरत है कि ऐसे टालों की नियमित जांच हो, अग्नि सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए जाएं और नागरिकों को भी जागरूक किया जाए ताकि शहर में भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके.