वहीं, नगर परिषद के द्वारा प्रशासन से चिह्नित स्थान पर पटाखा बिक्री करने का बयान जारी कर रही थी, लेकिन पार्क में बांस-बल्ली व प्लास्टिक से तैयार पटाखा दुकानों को हटाने का प्रयास नहीं किया है। इससे पटाखा व्यवसायियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, क्योंकि पुलिस व प्रशासन ने अज्ञात कारणों से चुप्पी साध रखी है। इधर, पार्क में पटाखा बिक्री के खिलाफ कांग्रेस नेता केके शुक्ला व एक अन्य ने उपायुक्त व रेलवे से शिकायत भी की। इससे रेलवे ने प्रशासनिक मामला बताकर हाथ खड़े कर लिए, क्योंकि आरपीएफ की जांच में पार्क लाइन से दूर है। लेकिन कांग्रेस नेता की शिकायत पर उपायुक्त कार्यालय से एक्स पर कोई जवाब नहीं दिया गया।
हालांकि, फोन पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संदीप कुमार पासवान ने बताया कि आरपी पटेल स्कूल मैदान के बदले पार्क में पटाखा दुकान बनाने से कार्रवाई हुई है, लेकिन क्या कार्रवाई हुई यह स्पष्ट नहीं किया। मालूम हो कि, जुगसलाई के पटाखा व्यवसायियों को आरपी पटेल स्कूल मैदान के लिए लाइसेंस मिला है, लेकिन व्यवसायियों ने जुगसलाई के पार्क में पटाखा दुकानें बना लीं। लेकिन नाली के चबूतरे पर दुकान का सामान रखने से जुर्माना वसूलने वाली नगर परिषद ने पार्क में तैयार पटाखा दुकानों की अनदेखा कर दी।
इधर, पटाखा व्यवसायी भी आरपी पटेल स्कूल मैदान के बदले पार्क में बेखौफ दुकान को सजाने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार पार्क में करीब 37 पटाखा दुकान लगी है।