Jharkhand Gangsters: झारखंड की अंडरवर्ल्ड दुनिया में एक बड़ा बदलाव सामने आया है. राज्य के तीन सबसे कुख्यात गैंगस्टरों, अखिलेश सिंह, सुजीत सिन्हा और प्रिंस ख़ान ने अपराधी गठबंधन तैयार कर लिया है. प्रशासन के मुताबिक, यह गठबंधन करीब दस दिन पहले बना और भूमिगत स्तर पर सक्रिय हो चुका है.
जानकारी के अनुसार, इस समझौते में जमशेदपुर और उसके आसपास का इलाका अखिलेश सिंह, रांची और आसपास की कमान सुजीत सिन्हा संभालेगा, जबकि धनबाद और उससे सटे क्षेत्रों की जिम्मेदारी फरार गैंगस्टर प्रिंस खान को दी गई है. इस नए गठबंधन की पुष्टि धनबाद पुलिस मुठभेड़ में घायल शूटर भानू मांझी ने पूछताछ के दौरान की, जिसने बताया कि वह अखिलेश सिंह के गिरोह में शामिल है और उसी ने गणेश के साथी राजा शर्मा ऊपर फायरिंग की थी.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह गठजोड़ पहली बार पलामू जेल के भीतर तैयार किया गया था. वहीं अखिलेश गिरोह के सदस्यों की सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के शूटरों से नजदीकी बढ़ी. जेल में ही तय हुआ कि रिहाई के बाद तीनों मिलकर अपने-अपने क्षेत्र तय करेंगे और रंगदारी व वसूली नेटवर्क को और मजबूत करेंगे.
अपराधियों का नेटवर्क और इतिहास
अखिलेश सिंह: जमशेदपुर के सिदगोड़ा रोड नंबर 28 का निवासी, जिसका नेटवर्क झारखंड से लेकर वाराणसी और ग्रेटर नोएडा तक फैला है. उस पर 8 हत्याओं सहित 56 से अधिक गंभीर मामलों के आरोप हैं. वर्तमान में दुमका जेल में बंद है और अधिकांश मामलों में बरी हो चूका है.
सुजीत सिन्हा: मेदिनीनगर के रेडमा इलाके का रहने वाला सुजीत झारखंड के कई जिलों में सक्रिय है. पलामू, रांची, हजारीबाग, लातेहार और चतरा में 30 से अधिक केस दर्ज हैं. कुछ मामलों में बरी हुआ, पर कई मामले अभी लंबित हैं. वर्तमान में साहिबगंज जेल में बंद है.
प्रिंस खान: धनबाद का कुख्यात अपराधी, जिस पर 60 से अधिक मामले दर्ज हैं. वासेपुर गैंग के फहीम खान के पिता नन्हे की हत्या का आरोप भी इसी पर है. 2022 से दुबई में फरार है और वहीं से नेटवर्क चला रहा है.
पुलिस की प्रतिक्रिया
जमशेदपुर एसपी सिटी कुमार शिवाशीष ने कहा कि अपराधियों के इस गठजोड़ की खबर को अत्यधिक भय का रूप दिया जा रहा है. अपराध कहीं भी और कोई भी कर सकता है, लेकिन पुलिस पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है. धनबाद में हाल की घटना भानू मांझी गिरोह ने अंजाम दी है, जिसे दबोचा गया है.
डिस्क्लेमर: न्यूज़ 26 झारखंड इस खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है . यह जानकारी एक प्रतिष्ठित दैनिक अख़बार के माध्यम से संकलित की गई है. अतः पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक स्रोतों से तथ्य अवश्य सत्यापित करें. (16 October 2025, Jamshedpur Edition)