मेले का मुख्य लक्ष्य
मेले का मुख्य लक्ष्य स्थानीय महिलाओं द्वारा हस्त-निर्मित वस्तुओं को एक बड़ा बाज़ार मंच प्रदान करना है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बन सकें। उद्घाटन अवसर पर सांसद महतो ने चैम्बर के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देगी। विधायक पूर्णिमा साहू ने भी महिलाओं के हुनर की तारीफ की और कहा कि लोकल फॉर वोकल अभियान को ऐसे आयोजनों से सही मायने में बल मिलता है।
स्थापित होने का आत्मविश्वास
मेले में दीपावली से जुड़े सजावट के सामान, विभिन्न प्रकार के दिये, रंगोली के उत्पाद, हस्तशिल्प और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। बड़ी संख्या में स्थानीय महिला उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जहां वे खुद ग्राहकों से सीधे संवाद कर रही हैं। यह मेला न केवल उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री का अवसर दे रहा है, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित होने का आत्मविश्वास भी प्रदान कर रहा है।
चैम्बर के पदाधिकारियों ने बताया
चैम्बर के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन शहरवासियों को स्वदेशी और स्थानीय रूप से निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे हमारी स्थानीय कला और शिल्प को प्रोत्साहन मिलेगा। यह दिवाली मेला 300 से अधिक महिलाओं को सीधे लाभ पहुंचा रहा है, जो आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते उनके कदम को मजबूती देगा। यह मेला रविवार को भी आम जनता के लिए खुला रहेगा।