Saraikela: सरायकेला प्रखंड के मुरुप गांव में एकादशी के मौके पर आयोजित माता दुर्गा के वनदेवी स्वरूप की पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पूजा-अर्चना के दौरान कोल्हान क्षेत्र, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। जिस वजह से मंदिर परिसर का नजारा एक विशाल मेले में बदल गया।
कलश यात्रा से हुआ आगाज
पूजा कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से शुरू हुई। जिसमें सैकड़ों भक्तों ने स्थानीय जलाशयों से जल भरकर माता को अर्पित किया। यात्रा के दौरान भक्तों ने माता को प्रसन्न करने के लिए आकर्षक करतब दिखाने के साथ डंडों की मार सहता रहा।
अग्नि परीक्षा बनी आस्था की मिसाल
पूजा में मुख्य आकर्षण का केंद्र दहकते अंगारों पर नंगे पांव दौड़ना रहा। जिसमें भक्तों ने पूरे उत्साह और विश्वास के साथ जलते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी आस्था व्यक्त की।
किंतु माता की कृपा से उनके पांव पर छाले तक नहीं पड़े।
भैंसा और बकरा बलि का अनुष्ठान
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रूप से भैंसा की बलि और बकरा बलि का आयोजन भी किया गया। देर रात तक चलने वाले इस अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों भक्त मौजूद रहे। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।